चमोली की देवेश्वरी देवी के साथ है उत्तराखंड, इस मुहिम को आप भी सलाम करेंगे !

चमोली की देवेश्वरी देवी के साथ है उत्तराखंड, इस मुहिम को आप भी सलाम करेंगे !

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कुछ लक्ष्य ऐसे होते हैं, जिनको पार करने के लिए अगर आप जी जान लगा दें तो दुनिया आपको सलाम करती है। ऐसा ही एक लक्ष्य बनाया था चमोली की देवेश्वरी देवी ने। पहाड़ों की इस नारी ने उत्तराखंड में नशेड़ियों के खिलाफ एक मुहिम छेड़ दी। ये मुहिम देवेश्वरी देवी ने अपने दम पर शुरू की थी। आज पहाड़ की कई महिलाएं देवेश्वरी देवी के साथ खड़ी हो गई हैं। चमोली जिले के पाडुली गांव की रहने वाली हैं देवेश्वरी देवी। उन्होंने शराबियों के खिलाफ एक अभियान शुरू किया तो इस मुहिम को और भी महिलाओं का साथ मिल गया। अब कई गांवों के लोगों ने शादियों में शराब पार्टी से तौबा कर दी है। अकेले चमोली जिले के करीब आधा दर्जन गांवों में अब बारातियों और मेहमानों का स्वागत दूध और दही से किया जाता है। आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि इसके लिए देवेश्वरी देवी को कितनी मशक्कत करनी पड़ी है।

कभी देवेश्वरी देवी ने 12 सहेलियों के साथ मिलकर पाडुली गांव समेत आसपास के आधा दर्जन गांवों में भी शराब पीने पिलाने वालों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया था। देवेश्वरी देवी 38 साल की हैं। 1998 में उनकी शादी बगड़वाल धार पाडुली के कमल सिंह से हुई थी। इस गांव के आसपास शराबी जमकर उत्पात मचाते थे। देवेश्वरी देवी के मुताबिक महिलाओं को आम रास्ते पर निकलता ही मुश्किल हो गया था। साल 2012 में देवेश्वरी देवी ने गांव की महिलाओं के साथ संकल्प लिया कि गांव से इस शराब को निकाल फेंकना है। उन्होंने कई महिलाओं के साथ मिलकर शराब विरोधी मुहिम की शुरु की। शुरुआत में में महिलाओं ने शराबियों को समझाने की काफी कोशिश की। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से इस बात की शिकायत की गई। लेकिन हालात नहीं सुधरे। इसके बाद इन महिलाओं ने शराबियों को पकड़कर पुलिस को सौपना शुरू कर दिया।

आज आस पास के गांवों की ढाई हजार महिलाएं देवेश्वरी देवी की मुहिम के साथ जुड़ चुकी हैं। इन महिलाओं ने तय किया है कि जिस घर में कोई शादी या फिर समारोह होगा। उस घर के मुखिया से पहले ही बात की जाएगी कि मेहमानों के लिए शराब ना परोसें। शुरूआत में लोगों ने इस बात को हल्के में ले लिया। लेकिन धीरे धीरे कुछ ऐसा हुआ कि शराबी रास्ते पर आने लगे। अब गांव में शादी ब्याह के मौके पर शराब की जगह दूध, दही और छांछ परोसी जाती है। शराब से पहाड़ों में ना जाने कितने घर बर्बाद हुए हैं और इस बात को हर कोई अच्छी तरह से जानता है। शराब के खिलाफ पूरे उत्तराखंड में महिलाएं लगातार एकजुट हो रही हैं और देवेश्वरी देवी इसका एक ज्वलंत उदाहरण भी हैं। पाडुली, नौरख, पीपलकोटी, कम्यार, अगथला, बैरागना, मंडल जैसे गांवों में अब शराब पर बैन लग गया है। मेहमानों का स्वागत यहां दूध, दही और छांछ के साथ किया जाता है।


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