पहाड़ों के लिए सीएम त्रिवेंद्र का बड़ा तोहफा, करोड़ों रुपये की योजनाओं का शिलान्यास

पहाड़ों के लिए सीएम त्रिवेंद्र का बड़ा तोहफा, करोड़ों रुपये की योजनाओं का शिलान्यास

Cm inaugurates many schemes in chamoli  - उत्तराखंड न्यूज, त्रिवेंद्र सिंह रावत, uttarakhand,उत्तराखंड,

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्तराखंड के चमोली जिले के गोपेश्वर पहुंचे। वहां उन्होंने जनता को करोड़ों रुपये की योजनाओं की सौगात दी। सीएम त्रिवेंद्र ने पुलिस मैदान में हुए एक भव्य कार्यक्रम में इन योजनाओं को शिलान्यास किया। इसके साथ ही सीेम त्रिवेंद्र ने नगर पालिका के बस स्टेशन के पास बनाए गए नव निर्मित भवन का इनॉगरेशन किया। सीएम त्रिवेंद्र सबसे पहले गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर पहुंचे।. गोपीनाथ भगवान के दर पर सीएम त्रिवेंद्र ने सबसे पहले पूजा की। इसके बाद ही वो पुलिस मैदान पहुंचे। पुलिस मैदान में सीएम त्रिवेंद्र ने अलग अलग विभागों की करोड़ों की योजनाओं का शिलान्यास किया। इसके बाद सीएम त्रिवेंद्र ने पुलिस के निर्भीक कार्यक्रम में शिरकत की। आखिर में सीएम त्रिवेंद्र जनता मिलन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस प्रोग्राम में 676 आवेदनों का शीघ्र निस्तारण किया गया।

गोपेश्वर में 6.8 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास किया गया है और 5.07 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण किया गया है। इसके बारे में खुद सीएम त्रिवेंद्र ने अपने फेसबुक पेज के जरिए जानकारी भी दी है। उन्होंने लिखा है कि ‘गोपेश्वर में जनता मिलन कार्यक्रम में लोगों की समस्याओं को सुना। करीब 676 आवेदनों के शीघ्र निस्तारण के अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर 6.8 करोड़ की लागत की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास और 5.07 करोड़ की लागत की योजनाओं का लोकार्पण किया। साथ ही जिले के विकास के लिए 25 घोषणाएं की।’ इससे पहले हम आपको बता चुके हैं कि प्रदेश सरकार और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम के बीच एक सहमति बनी है। ये सहमति पिरुल से तारपिन तेल तैयार करने को लेकर बनी है। इस एमओयू में अच्छी खबर पहाड़ी जिलों के लिए है।

पहाड़ के आठ जिलों में इसके कलेक्शन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। चमोली, अल्मोड़ा, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़, रूद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और टिहरी में पिरुल के कलेक्शन सेंटर बनाए जाएंगे। सबसे पहली बात ये है कि पिरूल की वजह से गर्मियों में जंगलों में आग लगती है। अगर इसका इस्तेमाल होने लगेगा तो जंगलों की आग से छुटकारा मिल सकेगा। दूसरी बात ये है कि इस आग से जंगली जीव जंतुओं का बचाव हो सकेगा। तीसरी बात ये है कि अगर 8 जिलों में कलेक्शन सेंटर लगेंगे तो इसके लिए संक्षम युवाओं की जरूरत होगी। इससे रोजगार बढ़ेगा और गांव गांव से पलायन की समस्या दूर हो सकेगी। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि पहले फेज में हर दिन 40 टन पाइन निडिल की जरूरत पड़ेगी। खास बात ये है कि स्थानीय लोगों को बेहतर रोजगार भी मिलेगा। अब दिखने लगा है कि सीएम त्रिवेंद्र लगातार उत्तराखंड के लिए काम करते जा रहे हैं।


Uttarakhand News: Cm inaugurates many schemes in chamoli

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