देवभूमि की मां चंद्रबदनी, अद्भुत रहस्यों वाला शक्तिपीठ, श्रीयंत्र का केंद्र बिंदु

देवभूमि की मां चंद्रबदनी, अद्भुत रहस्यों वाला शक्तिपीठ, श्रीयंत्र का केंद्र बिंदु

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भारत ही नहीं बल्कि पूरे संसार में उत्तराखण्ड की भूमि, देव भूमि, देवस्थान, देवस्थल, यक्ष किन्नरों के आवास के रूप में जानी जाती है। इस धरती में ही बेहद प्रसिद्ध है मां चन्द्रबदनी का मंदिर। कहा जाता है कि जगत गुरु शंकराचार्य ने श्रीयंत्र से प्रभावित होकर चन्द्रकूट पर्वत पर चन्द्रबदनी शक्ति पीठ की स्थापना की थी। इस देवस्थल की एक खास बात है। कहा जाता है कि इस मंदिर में देवी चन्द्रबदनी की मूर्ति नहीं है। यहां सिर्फ देवी का श्रीयंत्र पूजा जाता है। कहा जाता है कि इस मंदिर गर्भ गृह में एक शिला पर ही श्रीयंत्र बना है। उसके ऊपर चाँदी का बड़ा छत्र रखा गया है। इस मंदिर पुरातात्विक अवशेष से पता चलता है कि सदियों पहले ही इस मंदिर का निर्माण किया गया था। कहा जाता है कि देवी मां के डर से यहां के राजा ने भी कभी मंदिर के कामों में बाधा नहीं डाली। चन्द्रबदनी माँ सती का ही रूप कही जाती हैं।

कहा जाता है कि मां पार्वती ने अपने पिता दक्ष के यज्ञ में दुखी होकर हवन कुण्ड में आत्मदाह किया था। इसके बाद भगवान शंकर दुखी होकर मां सती के शव को अपने कंधे पर रखकर कई स्थानों में घूमने लगे। इसके बाद चन्द्रकूट पर्वत पर आकर शिव अपने यथार्थ रूप में आ गये। चन्द्रबदनी मंदिर 8वीं सदी का बताया जाता है। मंदिर में माँ चन्द्रबदनी की मूर्ति ना होकर श्रीयंत्र ही स्थापित है। कहा जाता है कि माता सती का बदन भाग यहां पर गिरा था। इस वजह से देवी की मूर्ति के कोई दर्शन नहीं कर सकता है। इस मंदिर के पुजारी भी आंखों पर पट्टी बाँध कर माँ चन्द्रबदनी को स्नान कराते हैं। यहां की लोक मान्यता है कि एक बार किसी पुजारी ने भूल से अकेले में मूर्ति देखने की चेष्टा की थी। इसके बाद पुजारी अंधा हो गया था। इस वजह से तबसे यहां आंख पर पट्टी बांधकर ही मूर्ति के दर्शन किए जाते हैं।

भक्त कभी भी इस मूर्ति के दर्शन नहीं कर सकते। भक्त सिर्फ श्रीयंत्र के ही दर्शन करते हैं। चैत्र, आश्विन में अष्टमी और नवमी के दिन नवदुर्गा के रूप में नौ कन्याओं की यहां पूजा की जाती है। भारत में वैसे भी कन्याओं को देवी का स्वरूप कहा गया है। खास तौर पर उत्तराखंड में ये मान्यता अहम है। चन्द्रबदनी मंदिर सघन जंगलों और कई गुफाओं के बीच है। उत्तराखंड को वैसे भी अपनी मान्यताओं को चमत्कारों की वजह से देवभूमि कहा जाता है। इस भूमि पर आपको कदम कदम पर बड़े चमत्कार मिलेंगे। इन दैवीय चमत्कारों में से एक चमत्कार खुद मां चंद्रवदनी देवी का मंदिर है। कहा जाता है कि इस मंदिर में सच्चे दिल से मांगने पर मनचाहा आशीर्वाद मिलता है। देवी मां कभी भी किसी को खाली हाथ नहीं जाने देती। कुल मिलाकर कहें तो आपको मौका लगे तो एक बार जरूर देवी मां के इस मंदिर में जाएं।


Uttarakhand News: Story of chandrabadni temple

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