उत्तराखंड के सपूत के आगे थर-थर कांपे आतंकी, डर कर छोड़ने लगे बॉर्डर

उत्तराखंड के सपूत के आगे थर-थर कांपे आतंकी, डर कर छोड़ने लगे बॉर्डर

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आप अच्छी तरह से जानते हैं कि इस वक्त भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी म्यांमार की यात्रा पर हैं। मोदी के दौरे से ही भारतीय सेना को खबर मिली थी म्यांमार सीमा पर आतंकवादियों के कुछ गुट सक्रिय हैं। सेना के विशेष दस्ते ने अरुणाचल प्रदेश में म्यांमार सीमा के पास उग्रवादियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। इसके लिए सेना ने पहले से ही एक्शन प्लान तैयार कर डाला था। खबर मिली थी कि नागा बॉर्डर पर आतंकी संगठन एनएससीएन (के) का कैंप चलाया जा रहा है। आर्मी ने तुरंत एक्शन लिया और आतंकियों पर कहर बनकर टूट पड़ी। बताया जा रहा है कि इसके बाद से भी भारतीय सेना लगातार ऑपरेशन को अंजाम देती जा रही है। उधर कश्मीर में भी भारतीय सेना आतंकियों के खिलाफ अपनी बंदूक से आग उगल रही है। अब एक एक आतंकी को ढूंढकर खत्म किया जा रहा है। इस सबके पीछे हैं आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत।

इस बीच सेना प्रमुख बिपिन रावत का कहना है कि देश की धरती पर कोई भी आतंकी सिर उठाकर देखेगा तो उसी वहीं खत्म कर दिया जाएगा। आतंकियों को कड़ी चेतावनी देते हुए जनरल रावत ने कहा कि ये तो सिर्फ एक छोटा सा ट्रेलर है। अगर आतंकियों ने इसी तरह से अपनी हरकतें दिखाई तो इसका अंजाम और भी ज्यादा खतरनाक होगा। जनरल रावत ने कहा कि सेना ऐसे ऑपरेशन चलाती जा रही है। उन्होंने गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू से मुलाकात की और इसके बाद ये बातें मीडिया को बताई। म्यांमार बॉर्डर पर खुफिया सूचनाओं के आधार पर भारतीय सेना के जवानों को पहले ही इस बात की जानकारी मिल गई थी। इस ऑपरेशन को 2 से 3 पहले ही तैयार कर दिया गया था। सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे आतंकियों के कैंप पर भारतीय सेना ने अटैक कर दिया। इस कार्रवाई में इंडियन आर्मी के 21 पैरा (एसएफ) के जवान शामिल हैं।

इस ऑपरेशन में भारतीय सेना का एक जवान घायल हुआ है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारतीय सेना की आतंकियों के खिलाफ ये एक बड़ी कामयाबी है। भारतीय सीमा में रहते हुए ही भारतीय सेना ने म्‍यांमार बॉर्डर पर स्थित इस कैंप को तबाह कर दिया। इस हमले के बाद मौके से कई आतंकी भाग निकले। मौके से सेना ने एके56 बरामद की है और इसके अलावा 200 कारतूस भी जब्त किए हैं। हालांकि सेना का ये ऑपरेशन अभी भी जारी है। बाकी आतंकियों पर सेना लगातार कार्रवाई कर रही है। इससे पहले साल 2015 के जून महीने में भी म्यांमार सीमा पर आतंकियों के एक गुट के 38 आतंकियों को मौत की नींद सुला दिया गया था। ये आतंकी भी एनएससीएन (के) और केवाईकेएल के थे। कहा जाता है कि इन आतंकी संगठनों ने इससे पहले भारतीय सेना के जवानों को निशाना बनाया था। खैर एक बार फिर से देश के आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने आतंकवादियों को खुली चेतावनी दे डाली है।


Uttarakhand News: general bipin rawat warns terrorist

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