Video: उत्तराखंड का एक और ‘सिंघम’ डीएम, देखिए हरिद्वार में पहाड़ी शेर का एक्शन !

Video: उत्तराखंड का एक और ‘सिंघम’ डीएम, देखिए हरिद्वार में पहाड़ी शेर का एक्शन !

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उत्तराखंड में इन दिनों दो जिलाधिकारी अपने एक्शन से नाकारों के लिए मुसीबत बने हैं। दोनों ही अपने वादे के पक्के और इरादों के मजबूत अधिकारी हैं। हम आपको मंगलेश घिल्डियाल के बारे में बता चुके हैं। लेकिन एक और पहाड़ी शेर है, जो हरिद्वार में भ्रष्टाचारियों के लिए किसी चैलेंज से कम नहीं है। जी हां हम बात कर रहे हैं हरिद्वार के डीएम दीपक रावत की। दीपक रावत अपने एक्शन से समाज की ऐसे लोगों के लिए मुसीबत का दूसरा नाम बन चुके हैं, जो भ्रष्टातचार और बेपरवाही में लिप्त रहते हैं। इसका सबूत हम आपको ये वीडियो भी दिखा रहे हैं। सोमवार को दिन में RTO ऑफिस में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी दीपक रावत एक शिकायत पर ऑफिस में छापेमारी के लिए पहुंच गए। दरअसल खबर मिली थी कि इस कार्यालय के कमरे में दलालों की भरमार है। जांच में डीएम ने पाया कि एक लिपिक के ड्राइवर के बाहर रजिस्ट्रेशन फार्म तय कीमत से ज्यादा में बेचा जा रहा है।

बस फिर क्या था. डीएम दीपक रावत का पारा चढ़ गया। उन्होंने लिपिक और उसके ड्राइवर को कड़ी फटकार लगा दी। इसके साथ ही उन्हें जेल तक भेजने की चेतावनी दे डाली। मौके पर ही डीएम ने ड्राइवर मंजीत के खिलाफ FIR दर्ज कराने का आदेश दिया। इसके अलावा उन्होंने विभाग के कर्मियों समेत एआरटीओ से स्पष्टीकरण मांगा। दरअसल इससे पहले दीपक रावत को शिकायत मिल चुकी थी कि एआरटीओ कार्यालय में दलालों का कब्जा है। यहां गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन फार्म बाहर बेचे जा रहे थे और वो भी ज्यादा कीमत पर। इसकी पड़ताल के लिए दीपक रावत ने दिन में 11 बजे के करीब छापा मारा। उन्होंने देखा कि कैंपस में एक आटो में बैठा व्यक्ति ज्यादा कीमत लेकर रजिस्ट्रेशन फार्म बेच रहा था। जिलाधिकारी ने उसको पकड़ा और उससे सवाल पूछा। ऑटो वाले ने इसमें लिपिक मोहन लाल की मिलीभगत बताई।

बस फिर क्या था , जिलाधिकारी कार्यालय में दाखिल हुए। अंदर देखा कि कई बाहरी लोगों ने कब्जा किया था। कुछ तो बाकायदा लिपिक की ही कुर्सी पर बैठे थे और कांउटर से लोगों को डील कर रहे थे। जिलाधिकारी को पहचानते ही कई लोग तुरंत भाग गए। पूछताछ हुई तो पता चला कि लिपिक मोहन लाल फार्म लेने वालों को ये कहकर लौटा देता था कि आफिस में फार्म नहीं है। इसके साथ ही कहा जाता था कि फॉर्म देहरादून से लाया जाएगा तो मिलेगा। इस वजह से परेशान लोग ज्यादा कीमत पर बाहर से ही फॉर्म खरीदते थे। डीएम बेधड़क ऑफिस में घुसे और कहा कि ‘आधे घंटे में सबको ठीक कर दूंगा।’ डीएम दीपक रावत ने कार्रवाई के दौरान बाहर अवैध रुप से दुकान लगाकर विभाग से संबंधित कागजात रखने, लाइसेंस बनवाने में जुटे बिचौलियों के कागजात जब्त कर दिए। कुल मिलाकर कहें तो उत्तराखंड में इस वक्त दो डीएम तो ऐसे हैं, जो गलत काम देखकर एक्शन लेने से भी नहीं चूकते।


Uttarakhand News: Haridwar dm deepak rawat in action

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