पहाड़ी शेर अजीत डोभाल बने 'मास्टरमाइंड', चीन से जंग में अमेरिका देगा साथ !

पहाड़ी शेर अजीत डोभाल बने 'मास्टरमाइंड', चीन से जंग में अमेरिका देगा साथ !

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अजीत डोभाल लगातार चीन के लिए मुश्किल बनते जा रहे हैं। डोकलाम विवाद के कारण भारत और चीन के संबंधों में तनाव देखा जा रहा है। पिछले एक महीने से ये विवाद जारी है। इस पर दुनिया के बड़े देश अपनी राय तो नहीं दे रहे हैं। लेकिन वहां के विशेषज्ञ खुलकर अपनी राय जाहिर कर रहे हैं। भारत और चीन के बीच जारी डोकलाम विवाद पर अमेरिका अभी तक खामोश है. लेकिन वहां भी इस मुद्दे की चर्चा हो रही है। अब एक बड़े अमेरिकी विशेषज्ञ ने कहा है कि चीन के साथ सीमा विवाद में भारत का रवैया एक अनुभवी ताकतवर देश जैसा रहा है, वहीं चीन इस मामले में बचकानी हरकतें कर रहा है। उनका कहना है कि अजीत डोभाल जैसे दमदार खिलाड़ी के आगे चीन की हर चाल फेल हो रही है। बता दें कि 16 जून से सिक्किम के डोकलाम में भारत-चीन के बीच विवाद चल रहा है। भारत लगातार कह रहा है कि बातचीत तभी हो सकती है, जब दोनों देशों की सेनाएं पीछे जाएं।

वहीं चीन का कहना है कि भारत, उसकी सीमा में दाखिल हुआ है इसलिए उसे पीछे जाना चाहिए। इतना ही नहीं, चीन भारत को 8 बार जंग की धमकी दे चुका है। इस बीच अजीत डोभाल चीन भी गए थे, लेकिन वहां डोकलाम को लेकर कोई हल नहीं निकला था। यूएस नेवल वॉर कॉलेज में डिफेंस स्ट्रैटजी के प्रोफेसर जेम्स आर. होम्स ने कहा है कि भारत का रुख एकदम सही है। भारत की सेनाएं न तो विवादित इलाके से वापस आ रही हैं और न ही वह चीन की धमकियों को कोई जवाब दे रहा है। भारत का व्यवहार एक अनुभवी ताकतवर देश की तरह है। वहीं दूसरी तरफ चीन किसी नासमझ की तरह बचकानी हरकतें कर रहा है। चीन अपने ताकतवर पड़ोसी देश के साथ सीमा विवाद में उलझा हुआ है। अगर वो समुद्र में अपनी ताकत बढ़ाना चाहता है तो उसे अपनी सीमाएं सुरक्षित करनी होगी।

इसका मतलब ये कतई नहीं है कि वो पड़ोसी देशों की सीमा में दखल करे। अभी तक अमेरिका इस पूरे मामले में शांत क्यों है। इस पर भी जेम्स ने अपनी राय जाहिर की। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके सलाहकार अभी ये नहीं चाहते हों कि अमेरिका दखल दे। उन्होंने ये भी कहा कि अगर विवाद बढ़ा तो अमेरिका भारत की हा पक्ष लेगा। अमेरिकी एक्सपर्ट का ये बयान काफी अहम माना जा रहा है। इस से साफ है कि भारत का रुख डोकलाम को लेकर एकदम सही है। वो चीन की धमकियों का जवाब नहीं दे रहा है। इस से चीन को संदेश जा रहा है कि भारत उसकी गीदड़ भभकियों में नहीं आने वाला है। वहीं ये भी खबर आई थी कि डोकलाम में चीनी सेना 100 मीटर पीछे जाने को मजबूर हो गई है। डोभाल पहले ही साफ कर चुके हैं कि चीन के आगे किसी भी हाल में नहीं झुकेंगे।


Uttarakhand News: America supports indian over doklam

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