पहाड़ी शान अजित डोभाल ने चीन में ऐतिहासिक काम, एक वार से नवाज और ड्रैगन चित !

पहाड़ी शान अजित डोभाल ने चीन में ऐतिहासिक काम, एक वार से नवाज और ड्रैगन चित !

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भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल इस वक्त चीन में हैं। जैसा कि पहले से ही कहा जा रहा था कि चीन जाकर डोभाल कोई बड़ा काम कर सकते हैं। लग ऐसा ही रहा है। डोकलाम को लेकर जारी तनाव के बीच डोभाल ने अपने चीनी समकक्ष यांग जिची से एक मुलाकात की। इसके साथ ही डोभाल ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात की है। इस मुलाकात से पहले ही डोभाल ने ये संदेश दे दिया कि इस वक्त सभी ब्रिक्स देशों को आतंकवाद के खिलाफ लड़ना है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सभी देशों के एकजुट होने का वक्त आ गया है। जाहिर है कि ड़ोभाल का पहला निशाना पाकिस्तान पर था। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान का नाम लिए बिना ही डोभाल ने चीन को वहां पनप रहे आतंकवाद के बारे में बता दिया। इसके साथ ही चीन को इशारों इशारो में ये भी बता दिया गया है कि पाकिस्तान की मदद कर वो कितनी बड़ी गलती कर रहा है।

इसके बाद वो भी हुआ जिसके बारे में डोभाल अच्छे तरीके से जानते थे। चीन ने एक बार फिर से डोकलाम और जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया दिया। बताया जा रहा है कि इस बारे में डोभाल ने चीन को सधे तरीके से जवाब दिया है। डोभाल ने भी चीन को बताया कि किस तरह से डोकलाम की वजह से एक बड़ा खतरा सभी मुल्कों के लिए पैदा हो सकता है। बताया जा रहा है कि डोभाल ने चीन को विश्व शांति के खिलाफ पनप रहे बड़े खतरे के बारे में भी बताया। इस वक्त डोभाल और यांग जिची सीमा तंत्र के विशेष प्रतिनिधि बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि डोभाल की चीन यात्रा से डोकलाम का विवाद सुलझ सकता है, इस बात की संभावनाएं काफी बढ़ गई है। इसके साथ डोकलाम की आग में घी डालने का सबसे बड़ा काम चीनी मीडिया कर रही है। चीनी मीडिया ने डोभाल के दौरे के साथ ही डोकलाम का मुद्दा फिर से उठाया। चीन के सबसे बड़े अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि चीन किसी भी हाल में डोकलाम के मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगा।

ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि डोभाल के चीन दौरे से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। हालांकि कहा जा रहा है कि चीन की सरकार डोभाल के दौरे के बाद एक बार फिर से डोकलाम के मुद्दे पर बात कर सकती है। हो सकता है कि इस दौरे के साथ ही डोकलाम के मुद्दे का हल निकल सके। पहाड़ी शेर अजित डोभाल को वेसे भी रणनीति और कूटनीति का माहिर खिलाड़ी कहा जाता है। ऐसे में डोकलाम के मुद्दे के सुलझने की संभावनाएं काफी ज्यादा बढ़ गई हैं। इधर डोकलाम में 41 दिन से भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने हैं। लग रहा है मानों दोनों ही सेनाएं बस एक इशारे का इंतजार कर रही हैं। डोकलाम वो इलाका है, जिसे ट्राई जंक्शन कहा जाता है। तीन देशों की सीमाएं इस क्षेत्र में आकर मिलती हैं। इस बीच चीन इस इलाके में जबरदस्ती अपनी सड़क बनाना चाहता है। चीन की इस हरकत का भारत और भूटान मिलकर विरोध कर रहे हैं।



Uttarakhand News: Ajit doval warns china over doklam

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