उत्तराखंड के शहीद को सीएम त्रिवेंद्र का नमन, परिवार के लिए किया ये काम !

उत्तराखंड के शहीद को सीएम त्रिवेंद्र का नमन, परिवार के लिए किया ये काम !

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उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत लगातार जनसरोकारिताओं से जुड़े काम कर रहे हैं। कभी सड़क किनारे पड़े घायल शख्स को मदद देकर, कभी एक परिवार के पिता को उसकी बेटियां दिलाकर वो अपनी एक अलग ही पहचान कायम कर रहे हैं। इस बीच हम आपको एक और खबर के बारे में बता रहे हैं। सीएम त्रिवेंद्र शहीद लांसनायक जीत बहादुर थापा के घर पहुंचे। इसके साथ ही सीएम ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सीेम ने शहीद की मां को 4 लाख रुपये का चेक दिया। इसके साथ ही पत्नी को 6 लाख और 2 लाख रुपये की मदद दी। इसके अलावा खास बात ये है कि सीएम ने शहीद की पत्नी को उपनल के जरिए नौकरी का नियुक्ति पत्र सौंपा। इस बात की जानकारी सीएम ने बकायदा फेसबुक पर भी दी है। अपनी पोस्ट में सीएम त्रिवेंद्र ने लिखा है कि ‘आज देहरादून में शहीद लांसनायक जीत बहादुर थापा के घर जाकर उन्हें उन्हें श्रद्धांजलि दी। शहीद की माताजी को 4 लाख; पत्नी को 6 लाख व 2 लाख रुपए की अनुमन्य राशि के चेक सौंपे।

इसके अलावा शहीद की पत्नी को उपनल के जरिए नौकरी का नियुक्ति पत्र सौंपा।पूरा देश उनके बलिदान को याद रखेगा।’ मां का लाडका जीतू कुछ वक्त बाद घर आने वाला था। जम्मू कश्मीर में शहीद हुए देहरादून के जीत बहादुर सिंह थापा 5 भाई बहनों में सबसे छोटे थे। अपने लाडले की मौत की खबर सुनकर जीतू की मां सन्न हो गई हैं। रो-रोकर मां का बुरा हाल है। पूरे देश में शोक की लहर है और रविवार शाम से ही घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा। जीतू 5 भाई बहनों में सबसे छोटे थे। उनके दो बड़े भाई हैं। एक भाई हवलदार गुप्ता बहादुर थापा 6/8 जीआर श्रीनगर में तैनात हैं। जबकि दूसरा भाई मनबहादुर थापा जीआर से रिटायर्ड है। बहन पार्वती थापा का विवाह हो चुका है। उनके पिता स्वर्गीय नर बहादुर थापा भी पूर्व सैनिक थे। जीत बहादुर थापा की पढ़ाई डीएवी पीजी कालेज से हुई। उनकी एक पांच साल बेटी मानवी थापा और 3 महीने का बेटा रोनक थापा है। बेटी पूछती है कि पापा कहां चले गए और कब आएंगे ?

7 जून को जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के नौगाम सेक्टर में भारतीय सेना आतंकियों से मुठभेढ़ कर रही थी। अदम्य साहस और शौर्य का परिचय देते हुए देश के जवानों ने आखिरी दम तक दुश्मनों का मुकाबला किया। इस आतंकी मुठभेड़ में देहरादून के सपूत नायक जीत बहादुर सिंह थापा घायल हो गए थे। लेकिन अब शहीद की सांसों ने उनका साथ छोड़ दिया। इसके साथ ही जीत बहादुर के घर में मातम पसरा है। घायल जीत बहादुर को दिल्ली के राष्ट्रीय राइफल्स अस्तपाल में भर्ती कराया गया था। लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने रविवार शाम सवा सात बजे के करीब अंतिम सांस ली। आतंकी मुठभेड़ के दौरान जीत सिंह के बायें हिस्से में पीछे की तरफ और पेट पर ग्रेनेड के छर्रे लग गए थे। इसके बाद वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद उन्हें तुरंत श्रीनगर के मिलिट्री अस्पताल लाया गया। जब तक उन्हें अस्पताल लाया गया तब तक वो कोमा में जा चुके थे। उनकी हालत लगातार गंभीर होती जा रही थी।


Uttarakhand News: Cm trivendra rawat felicitat martyrs family

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