उत्तराखंड के लिए बड़ा खतरा बना चीन, अब ऐसे कर रहा है देवभूमि को छलनी !

उत्तराखंड के लिए बड़ा खतरा बना चीन, अब ऐसे कर रहा है देवभूमि को छलनी !

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उत्तराखंड के लिए एक बेहद जरूरी खबर हम लेकर आए हैं। ये खबर पढ़कर आप हैरान हो जाएंगे कि किस तरह से चीन देवभूमि को खोखला करने पर लगा हुआ है। हाल ही में एक बड़ा खुलासा हुआ है। उत्तराखंड के नेशनल पार्कों में बाघों का सबसे ज्यादा शिकार हो रहा है। वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की जांच में ये बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि कॉर्बेट नेशनल पार्क में ही सबसे ज्यादा बाघों का शिकार हो रहा है। अब आपको बताते हैं कि किस तरह से ये बाघ चीन को सौंपे जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि चीन ने नेपाल से कुछ लोगों को खरीदा है। कार्बेट पार्क से नेपाल की दूरी ज्यादा नहीं है। शिकारियों की पूरी कोशिश रहती है कि बाघ के अंगों को जल्द से जल्द नेपाल पहुंचा दिया जाए। शिकारी आराम से रामनगर से बनबसा बार्डर होते हुए नेपाल पहुंच जाते हैं। इसके बाद यहां से असली खेल शुरू होता है। वन्यजीवों के अंगों को नेपाल से चीन भेजा जाता है।

इसके एवज में नेपालियों को मोटी रकम दी जाती है। चीन में वैसे भी वन्य जीवों के अंग की सबसे ज्यादा डिमांड है। नेपाल में शिकारियों, तस्करों के पहुंचने से सुरक्षा एजेंसियां कुछ नहीं कर पाती हैं। आपको याद होगा कि सात साल पहले कुख्यात शिकारी तोताराम को पकड़ने के लिए तराई पूर्वी वन प्रभाग की टीम नेपाल में घुस गई थी। बाद में इस पर काफी बवाल मचा था। काफी मशक्कत करने के बाद ही ये टीम नेपाल से बाहर आ सकी थी। हाथ पैर बंधे हैं और चीन उत्तराखंड के वन्. जीवों के मजे लूट रहा है। साल 2015 के दिसंबर महीने में एक बड़ा खुलासा हुआ था। नेपाल में बरामद की गई शेर की खाल कार्बेट पार्क के शेर की थी। हैरानी तो तब हुई जब ऐसी 6 और खालें टीम के हाथ लगी थी। जांच में पाया गया कि ये खालें भी कार्बेट नेशनल पार्क के बाघों की हैं। ताजा रिपोर्ट से कार्बेट पार्क में बाघों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। हैरानी इस बात को लेकर हो रही है कि आखिर किस तरह से चीन उत्तराखंड को निशआना बना रहा है।

अब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने डब्ल्यूआईआई से कार्बेट पार्क के बाघों का नए सिरे से कैमरा ट्रैप के जरिये अध्ययन करके पुराने रिकार्ड से मिलान करने के लिए कहा है। कहा जाता है कि बाघ की हड्डियों का इस्तेमाल चीन में यौन शक्ति बढ़ाने वाली दवाओं के निर्माण में होता है। इसके अलावा चीन में बाघ की खाल से तैयार जैकेट, पर्स और बेल्ट की काफी डिमांड होती है। चीनी अपने शौक के लिए वन्य जीवों को छोड़ते नहीं हैं। बाघ की खाल के लिए चीनी कोई भी कीमत देने के लिए तैयार रहते हैं। इस वजह से नेपाल के लोगों को उसने अपना गुलाम बनाया हुआ है। नेपाल के रास्ते आने वाले तस्करों को चीन द्वारा मोटी रकम दी जाती है। इससे पहले आपको ये भी याद होगा कि चीन के कुछ हेलीकॉप्टर उत्तराखंड की सीमा पर उड़ान भरते दिखे थे। कुल मिलाकर कहें तो चीन उत्तराखंड पर चौतरफा वार करने पर जुटा हुआ है।


Uttarakhand News: China targeting uttarakhand tigers

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