सलाम पहाड़ी: नाम चंदू, उम्र 19 साल, वजन 10 किलो, कद 36 इंच...फिर भी रचा इतिहास…

सलाम पहाड़ी: नाम चंदू, उम्र 19 साल, वजन 10 किलो, कद 36 इंच...फिर भी रचा इतिहास…

Chandu the student from pithoragarh creates history   - उत्तराखंड न्यूज, uttarakhand newsउत्तराखंड,

पहाड़ी उम्मीद नहीं करते, बल्कि उम्मीदों को ठोकर मारकर अपने हौसले से दुनिया हिलाने का दम रखते हैं। हौसले ऐसे कि उम्मीद भी खुद चलकर पहाड़ियों से उनकी रज़ा पूछती है। उम्मीद नहीं बल्कि भरोसे का नाम है पहाड़ी। एक पहाड़ी ने जो किया है, उसके बारे में जानकर आप उसे दिल से सलाम करेंगे। हमें उम्मीद है कि ये खबर आप हिंदुस्तान के हर पहाड़ी तक पहुंचाएंगे। जिससे उसे भी गर्व हो। इस पहाड़ी का नाम है चंद्रशेखर भट्ट। गांव में लोग इसे प्यार से चंदू चंदू पुकारते हैं। चंदू उत्तराखंड के सबसे कम कद वाले विद्यार्थियों में से एक है। इस कद सिर्फ 36 इंच है। चंदू का वजन सिर्फ 10 किलो है। लेकिन ना कद चंदू को हरा सका और ना ही वजन चंदू के रास्ते में कभी कोई मुश्किल बना । चंदू ने हाल ही में इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी, इसके साथ ही उसने ये परीक्षा सेकंड डिविजन में पास कर ली।

कद छोटा है लेकिन हौसले हिमालय से भी ऊंचे हैं। आज चंदू को हर कोई पूछ रहा है। जरा सोचिए जिसका शरीर शारीरिक रूप से विकसित ना हो, और वो इस तरह से मेहनत करे तो इतिहास ही बनता है। चंदू उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के बस्तड़ी गांव का निवासी है।चंदू दादा और दादी की गोद में गांव से दो किलोमीटर दूर राइंका सिंगाली में पढ़ने जाता था। कद और वजन कम होने की वजह से चंदू को कई बार उसके ही साथी चिढ़ाने लगते थे। आज उन साथियों में से कुछ साथी फेल हो गए हैं। लेकिन चंदू सफलता के शिखर पर चढ़ता जा रहा है। चंदी कभी शर्मिंदा नहीं हुआ। भगवान ने जो दिया है, ठीक दिया है। आखिर भगवान के दिए हुए पहर कोसना क्यों है? चंदू के दिमाग में भी शायद ये ही बातें चलती थी। आज चंदू अपने गांव ही नहीं उत्तराखंड की शान बन गया है।

विद्यालय में होने वाली गतिविधियों में चंदू बढ़ चढ़कर भाग लेता है। अपने व्यवहार और अपने सरल स्वभाव की वजह से चंदू शिक्षकों का सबसे चहेता विद्यार्थी रहा है। दो साल पहले चंदू ने हाईस्कूल की परीक्षा भी सेकंड डिविजन में पास की थी। इस बार चंदू के 51 फीसदी नंबर आए हैं। शिक्षक बताते हैं कि चंदू कुशाग्र बुद्धि वाला है। लेकिन कद की चलते उसकी उंगलियां छोटी हैं। इस वजह से वो ज्यादा तेजी से लिख नहीं पाता। इस वजह से अपेक्षा के मुताबिक वो नंबर नहीं ले पाता। लेकिन चंदू आपने इतना किया, वो ही एक सबक है दुनियाभर के लोगों के लिए, राज्य समीक्षा आपको सलाम करता है चंदू। जहां रहो खुश रहो, आबाद रहो, उत्तराखंड का नाम रोशन करो। आप भी चंदू की इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि चंदू को राष्ट्रपति से सम्मान प्राप्त हो सके। जय उत्तराखंड


Uttarakhand News: Chandu the student from pithoragarh creates history

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