सीेएम त्रिवेंद्र का बड़ा फैसला...दुनिया के लिए मिसाल बनेगी उत्तराखंड की ‘शान’ !

सीेएम त्रिवेंद्र का बड़ा फैसला...दुनिया के लिए मिसाल बनेगी उत्तराखंड की ‘शान’ !

Cm trivendra rawat new action plan - उत्तराखंड न्यूज, त्रिवेंद्र सिंह रावत, नैनीतालउत्तराखंड,

हमने आपको कुछ वक्त पहले बताया जा था कि किस तरह से उत्तराखंड की शान कही जाने वाली नैनीताल झील लगातार अपना अस्तित्व खोती जा रही है। लेकिन अब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नैनीताल झील को सिंचाई विभाग को सौंपने के आदेश दिए हैं। झील के पुनर्जीवीकरण के लिए उन्होंने ये आदेश दिए। इसके लिए सीएम ने बकायदा एक मीटिंग ली थी। इस मीटिंग में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के साथ सिंचाई, जल प्रबंध और पर्यटन विभाग के अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान सीएम ने ये आदेश दिए। उन्होंने कहा कि नैनी झील के लिए सिंचाई विभाग कार्ययोजना बनाएं। बैठक में कहा गया कि सिंचाई विभाग नदियों के जल स्तर बढ़ाने के लिए लगातार काम करेगा। इसके साथ ही कहा गया है कि नदियों में झील बनने का आधुनिक तकनीकी से सर्वे किया जाए। इस बारे में हमने आपको पहले भी बताया था कि किस तरह से नैनीताल झील अपना अस्तित्व खो रही है।

दरअसल उत्तराखण्ड की विश्वविख्यात नैनीझील के गिरते जलस्तर पर पूर्व में मुख्यमंत्री और प्रदेश के राज्यपाल डॉ. के के पाल ने भी दुख जताया । राजभवन में राज्यपाल डा.के.के.पॉल ने नैनीझील में दोबारा जान फूंकने के लिए यहां की जनता से पानी बचाने की अपील की । उन्होंने कहा कि जितना पानी आ रहा है उससे ज्यादा पानी झील से निकल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 3 से 4 सेंटीमीटर पानी नैनीझील से कम हो रहा है जो चिंता का मुद्दा है। नैनीझील के गिरते जलस्तर को गम्भीरता से लेते हुए राज्यपाल डॉ. के के पाल ने कमिश्नर कुमाऊं डी. सेंथिल पाण्डियन सहित पी.डब्ल्यू.डी, सिंचाई, एल.डी.ए.व अन्य सम्बंधित विभागों की बैठक राजभवन में ली। उन्होंने अधिकारीयो को निर्देश दिए की तत्काल प्रभाव से झील विकास प्राधिकरण एक कंसलटेंट की नियुक्ति करें जो झील को फिर से जीवित करने में मदद कर सके।

राज्यपाल ने अधिकारियों से झील के जलागम क्षेत्र में वृक्षारोपण शुरू कर झील के जलस्तर को सुधारने और जल संवर्धन के कार्य करने के निर्देश दिए। उत्तराखंड के गवर्नर केके पॉल ने नैनीताल झील को लेकर उत्तराखंड राज्य के नागरिकों के लिये एक अपील जारी की है। राज्यपाल पॉल ने झील की गंदगी और झील के जलस्तर को घटते देखकर चिंता जताई है और कहा है कि ऐसी स्थिति में पानी का संरक्षण करना बेहद जरूरी हो जाता है। जल संचय, जल संरक्षण एवं संर्वधन दिवस के मौके पर राज्यपाल ने कहा कि नैनी झील में पानी का गिरता स्तर एक चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जितना पानी नैनी झील से बाहर निकल रहा है, उससे काफी कम पानी झील में आ रहा है। प्रतिदिन आंकड़ों के अनुसार, लगभग तीन से चार सेंटिमीटर पानी कम हो रहा है। अब सीएम त्रिवेंद्र ने इसके लिए प्लान तैयार किया है। देखना है कि नैनी झील किस तरह से अपना खोया गौरव हासिल करती है।


Uttarakhand News: Cm trivendra rawat new action plan

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