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Image: Railway minister suresh prabhu in uttarakhand

देवभूमि में आते ही ‘प्रभु’ के चेहरे पर चमक...बोले…‘ उत्तराखंड के लिए तोहफा लाया हूं’ !

देवभूमि में आते ही ‘प्रभु’ के चेहरे पर चमक...बोले…‘ उत्तराखंड के लिए तोहफा लाया हूं’ !

जैसा कि हमने आपको बताया था कि 13 मई को उत्तराखंड में बहुत बड़ा काम होने जा रहा है। आखिरकार उस काम को अंजाम देने के लिए रेल मंत्री सुरेश प्रभु उत्तराखंड में हैं। केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने पहले बदरीनाथ धाम के दर्शन किए। बदरीनाथ धाम को देखकर ही प्रभु एक बार फिर से मोहित हो गए। उन्होंने देवभूमि को प्रणाम करते हुए कहा है कि आने वाले वकत् में उत्तराखंड के हर निवासी के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ेगी। उन्होंने दोपहर 12 बजकर पांच मिनट पर बदरीनाथ धाम के दर्शन किए। ‌सूत्रों के मुताबिक, सुरेश प्रभु आज ही चार धाम रेलमार्ग को लेकर कुछ घोषणाएं कर सकते हैं। कल उनका गंगोत्री धाम जाने का कार्यक्रम है। बदरीनाथ धाम में उन्होंने चार धाम रेल संपर्क के लिए फाइनल लोकेशन का सर्वेक्षण किया है। इसके अलावा उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र कोटी का शिलान्यास किया। चमोली जिले के डीएम विनोद कुमार सुमन ने बताया कि रेल मंत्री ने दोपहर साढ़े बारह बजे बदरीनाथ धाम में दोनों कार्यों का शिलान्यास किया है।

उनके साथ इस मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी मौजूद थे। इसके अलावा केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह, टेक्सटाईल मंत्री अजय टम्टा, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल और गढ़वाल सांसद भुवन चंद्र खंडूड़ी भी उनके साथ थे। कहा जा रहा है कि रेल मंत्री सुरेश प्रभु और केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन 14 मई को गंगोत्री धाम दर्शन के लिए पहुंचेंगे। दोनों केंद्रीय मंत्री गंगोत्री धाम में यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ ही विशेष पूजा-अर्चना और मां गंगा के दर्शन करेंगे। केंद्रीय मंत्री 14 मई रविवार को सुबह 8.45 बजे हेलीकाप्टर से हर्षिल पहुंचेंगे। 9.30 बजे हर्षिल से गंगोत्री के लिए निकलेंगे। इसके बाद 10.30 बजे गंगोत्री पहुंचकर धाम की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे और 12 बजे गंगोत्री से हर्षिल के लिए प्रस्थान करेंगे। एक बजे हर्षिल पहुंचने के बाद दो बजे हेलीकाप्टर से देहरादून के लिए प्रस्थान करेंगे। कुल मिलाकर कहें तो चार धाम के लिए रेल नेटवर्क का सपना पूरा करने के लिए मोदी की टीम उत्तराखंड में मौजूद है।

जैसा कि हम आपको पहले ही बता चुके हैं कि भारतीय रेलवे पर्वतीय क्षेत्रों में फाइनल लोकेशन सर्वे कर रहा है। इस रेलवे ट्रैक की लागत भी भारी भरकम होगी। इस पर 40,000 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट लगेगा। रेलवे की ही कंपनी रेल विकास निगम लिमिटेड को इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी दी गई है। इस रूट में गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ को देहरादून और कर्णप्रयाग से जोड़ा जाएगा। आपको बता दें कि इससे पहले रेल विकास निगम ने इसकी पैमाइश की थी। साल 2014-15 में इस रूट की पैमाइश की गई थी। 2015 में इस रूट को लेकर रिपोर्ट सौंपी गई थी। बताया जा रहा है कि ये रूट 327 किलोमीटर का होगा। रेलवे की तरफ से इस रूट में कुल मिलाकर 21 रेलवे स्टेशन होंगे। इसके अलावा इन रूटों में 61 सुरंगें और 59 पुल बनेंगें । हालांकि इस रूट को तैयार करना इतना आसान नहीं होगा। इसके लिए कंस्ट्रक्शन से जुड़ी कई बड़ी चुनौतियां कंपनी के सामने होंगी। चारधाम के प्रस्तावित रूट के करीब डोईवाला, ऋषिकेश और कर्णप्रयाग स्टेशन होंगे। कुल मिलाकर कहें तो देश भर के तीर्थ यात्रियों के लिए ये एक बेहतरीन खबर है।

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