चमोली के इन युवाओं ने पर देश को नाज… बदली ‘जन्नत’ की तस्वीर...मोदी खुश हुए !

चमोली के इन युवाओं ने पर देश को नाज… बदली ‘जन्नत’ की तस्वीर...मोदी खुश हुए !

Story of three youngsters of chamoli-0417  - लेटेस्ट उत्तराखंड न्यूज, पीएम मोदी, Latest Uttarakउत्तराखंड,

कहते हैं कि अगर हौसला हो तो कोई भी काम आसान हो जाता है । ऐसा ही कुछ चमोली के युवाओं ने कर दिखाया है। जम्मू-कश्मीर में एशिया की सबसे लंबी सुरंग बनाने में उत्तराखंड के होनहारों का अहम योगदान है। 9.2 किलोमीटर लंबी चेनानी-नाशरी सुरंग के निर्माण में उत्तराखंड के 3 होनहार जियोलॉजिस्ट शामिल हैं। कुलदीप रावत, देवेंद्र रावत और जितेंद्र फरस्र्वाण एचएनबी गढ़वाल विवि. श्रीनगर के बिड़ला परिसर के भूविज्ञान के छात्र थे। खास बात ये है कि तीनों जियोलॉजिस्ट सीमांत जिले चमोली से ताल्लुक रखते हैं। तीनों के शिक्षक का कहना है कि ये काफी बड़ा और अहम प्रोजक्ट था। जिस पर देश-विदेश के इंजीनियरों की निगाह टिकी हुई थी। विवि के तीनों छात्रों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि हासिल की है।

इससे गढ़वाल विवि सहित उत्तराखंड का मान बढ़ा है। इस सुरंग को बनाने में कुल1,500 इंजिनियरों, जियोलॉजिस्ट्स और मजदूरों ने काम किया।ये एशिया की सबसे लंबी सुरंग है। सुरंग बनने से जम्मू और कश्मीर के बीच 30 किलोमीटर की दूरी कम हो गई। पहाड़ी इलाके की वजह से 30 किलोमीटर का सफर तय करने में करीब 2 घंटे का वक्त लगता था। ये सुरंग उधमपुर के चेनानी को कश्मीर के रमाबन जिले में स्थित नाशरी से जोड़ेगी। 23 मई 2011 को इस परियोजना पर काम शुरू हुआ। इसे बनाने में करीब 3,720 करोड़ रुपये खर्च हुए। सुरक्षा के लिहाज से भी इस सुरंग को खास तौर से बनाया गया है। सुरंग में 124 सीसीटीवी लगाए गए हैं। सुरंग के अंदर पार्किंग की भी व्यवस्था है ताकि अगर कोई गाड़ी खराब हो जाए तो उसे पार्किंग में लगाया जा सके।


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