दुखद: टिहरी हादसे में अब तक 10 बच्चों की मौत, 7 साल के सूरज ने भी दम तोड़ा

उत्तराखंड के टिहरी जिले में हुए मैक्सी वैन हादसे में मरने वालों की संख्या 10 हो गई है। 7 साल के सूरज ने भी दम तोड़ दिया।

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मंगलवार का दिन...तारीख 6 अगस्त साल 2019। ये दिन वास्तव में देवभूमि के लिए बहुत भारी रहा। दो अलग अलग हादसों में मरने वालों की संख्या 15 हो गई। टिहरी में स्कूली बच्चों की चीख-पुकार मच गई थी। प्रतापनगर ब्लॉक में लंबगांव-मदननेगी मोटर मार्ग पर कंगसाली के पास स्कूली वैन हादसे की शिकार हो गई थी। हादसे के दिन 9 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई थी और गंभीर रूप से घायल 5 बच्चों को ऋषिकेश एम्स भर्ती में कराया गया था। खबर है कि इलाज के दौरान 7 साल के सूरज ने भी दम तोड़ दिया। मृतक बच्चों की संख्या अब बढ़कर 10 हो गई है। अभी भी चार बच्चे एम्स ऋषिकेश में भर्ती हैं और उनकी हालत भी गंभीर बताई जा रही है। सुबह-सुबह घर से तैयार होकर निकले मासूम बच्चे मंगलवार शाम तक टिहरी झील में जल समाधि ले चुके थे। ईश्वर ऐसा दिन किसी को ना दिखाए। बच्चों की वैन का ड्राइवर 20 साल का ऐसा खुदगर्ज लड़का था, जिसने मासूमों की जान के बारे में एक बार भी नहीं सोचा। 5 किलोमीटर के रास्ते में दो बार चक्कर लगाने से बचने के लिए उसने 9 सीट वाली टैक्सी में 20 बच्चों को ठूंस दिया।

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जब टैक्सी खाई में गिरी तो ड्राइवर ने सबसे पहले गाड़ी से कूद कर अपनी जान बचाई और 4 से 11 साल की उम्र के बच्चों को मरने के लिए छोड़ दिया। मंगलवार को 9 मासूमों की लाशें लेकर लौटे गांव के लोग सड़कों पर मातम मना रहे थे। पहाड़ के मासूम बच्चे जो कि किसी तरह मुश्किल परिस्थितियों पर जीत हासिल कर स्कूल जा रहे थे, इनमें से कल कोई डॉक्टर बनता, कोई इंजीनियर बनता, पर अफसोस कि अब ऐसा कभी नहीं हो पाएगा। गांव के बड़े बुजुर्ग, नौजवान और बच्चे भी रो रहे हैं। ईश्वर को कोस रहे हैं कि आखिर उन्हें किस गुनाह की सजा मिली। एक तरफ गांवों से पलायन रोकने की बात हो रही है, लेकिन गांव में रहने की कीमत लोग अपने बच्चों की जान देकर चुका रहे हैं। दुख की इस घड़ी में पूरा पहाड़ कंगसाली के साथ है। ईश्वर करे पहाड़ को ऐसा दिन फिर कभी ना देखना पड़े।


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