उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ CM त्रिवेन्द्र का बड़ा एक्शन, बेनामी संपत्ति के मालिकों को करारा झटका

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को धर्मयुद्ध की तरह लड़ने की जरूरत है...देखिए वीडियो

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बेनामी संपत्ति के मालिकों के लिए एक बुरी खबर है। लूट-खसोट कर जमा किया हुआ ये रुपया-संपत्ति अब उनके काम नहीं आएगी। बेनामी संपत्तियों को जब्त करने के लिए जल्द ही उत्तराखंड सरकार एक कठोर कानून बनाएगी। इस कानून को बनाने का उद्देश्य भ्रष्ट्राचार को रोकना है। भ्रष्टाचारी अब प्रदेश में पनप नहीं पाएंगे। जो बेनामी संपत्ति जब्त की जाएगी। उसका क्या होगा, ये भी प्रदेश सरकार ने तय कर लिया है। इस संपत्ति का इस्तेमाल लोगों की भलाई के लिए होगा। इससे जनहित के काम होंगे। जिन जगहों पर स्कूल नहीं हैं वहां स्कूल बनाए जाएंगे, ताकि बच्चे अच्छी शिक्षा ले सकें। गांवों में अस्पतालों का निर्माण किया जाएगा, साथ ही महिलाओं के लिए ट्रेनिंग सेंटर खुलेंगे, ताकि वो आत्मनिर्भर बन सकें। बेनामी संपत्ति का इससे अच्छा इस्तेमाल हो ही नहीं सकता। रविवार को सीएम त्रिवेंद्र रावत ने एक बार फिर ये बात दोहराई। चलिए आपको बेनामी संपत्ति के बारे में थोड़ी डिटेल और दे देते हैं। कुछ लोग अपने काले धन का निवेश बेनामी संपत्ति अर्जित करने में करते हैं। आम तौर पर इस तरह की संपत्ति बेनामदार के खुद के नाम पर ना होकर किसी और के नाम होती हैं। बेनामी संपत्ति वित्तीय दस्तावेज या चल-अचल संपत्ति के रूप में हो सकती है। सरकार के पास ऐसी संपत्ति को जब्त करने का अधिकार है। बेनामी संपत्ति के लेनदेन के लिए दोषी पाए गए शख्स को 7 साल तक की कैद हो सकती है। साथ ही जुर्माने का भी प्रावधान है।

बालावाला में हुए एक कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ हम सभी को एक जुट होना होगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही लड़ाई को धर्मयुद्ध की तरह लड़ना होगा, तभी इसमें सफलता मिलेगी। प्रदेश में किसी भी भ्रष्टाचारी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वो कोई भी हो। सीएम ने कहा कि साल 2006 में केंद्र सरकार ने बेनामी लेनदेन (निषेध) संशोधन एक्ट बनाया था। जिसके तहत हर तरह के बेनानी लेनदेन पर रोक है। बेनामी संपत्ति पर जल्द ही नया कानून लाया जाएगा, जिसके बाद बेनामी संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई होगी। जो संपत्ति जब्त होगी, उसे लोक कल्याण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। स्कूल, कॉलेज बनेंगे, अस्पताल बनाए जाएंगे। महिलाओं के लिए ट्रेनिंग सेंटर खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हमने भ्रष्टाचार रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। भ्रष्टाचारियों के खिलाफ हम लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। कई प्रोजेक्ट का हमने रिवाइज एस्टिमेट भी बनवाया, जिससे सरकार के करोड़ों रुपये बचे। इस पैसे का इस्तेमाल जन कल्याण के कामों में हो रहा है। भेदभाव रहित और भ्रष्टाचार मुक्त विकास हमारा संकल्प है। कुल मिलाकर बेनामी संपत्ति रखने वाले अब प्रदेश सरकार के रडार पर हैं, इन पर जल्द ही शिकंजा कसा जाएगा।

भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति बाद को जल्द ही बेनामी संपत्ति के खिलाफ सख्त कानून लाने वाले हैं। बेनामी संपत्ति जब्त करके वहां पर स्कूल अस्पताल, महिलाओं के लिए ट्रेनिंग केंद्र बनाए जाएंगे। #ZeroToleranceOnCorruption

Posted by Trivendra Singh Rawat on Sunday, July 21, 2019


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