उत्तराखंड: जवान बेटे की पार्थिव देह देखकर बेसुध हुए शिक्षा मंत्री

जवान बेटे की मौत ने शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय को तोड़ कर रख दिया है, वो सदमे में हैं। परिजन उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे हैं...

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बेटे मां का अभिमान होते हैं, तो पिता के बुढ़ापे का सहारा, लेकिन जब यही बच्चे बिना अलविदा कहे माता-पिता को अकेला छोड़कर चले जाते हैं तो उनकी दुनिया ही उजड़ जाती है। किसी पिता के लिए इससे बड़ा दुख कोई नहीं हो सकता कि उसे अपने जीते जी जवान बेटे की अर्थी को सहारा देना पड़े। जिसे बांहों में भरकर खिलाया हो, उसकी चिता को आग देनी पड़े...प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय भी इस वक्त ऐसे ही दर्द, ऐसी ही तकलीफ से गुजर रहे हैं। पिता आम हो या खास, दिल तो सभी के पास होता है। सभी अपने बच्चों से लगाव रखते हैं, उनके सुख के लिए अपनी हर खुशी न्योछावर कर देते हैं। बेटे की असमय मौत ने शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय को तोड़ कर रख दिया है। जैसे ही उन्हें इस दुखद हादसे की खबर मिली वो देहरादून स्थित आवास से सीधे ऊधमसिंहनगर चले गए। वो सुबह 10 बजे गूलरभोज स्थित अपने घर पहुंचे, जहां परिवार के लाडले अंकुर की पार्थिव देह रखी हुई थी। बेटे की लाश को देख अरविंद पांडेय खुद पर काबू नहीं रख पाए, वो बेसुध हो गए। उन्होंने खुद को संभालने की बहुत कोशिश की, लेकिन आंखों से आंसू टपक पड़े। परिजनों ने उन्हें किसी तरह संभाला..

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1/2 खुद को सभालने की कोशिश करते रहे..
Arvind Pandey son Ankur Pandey

बेटे की लाश को देख अरविंद पांडेय खुद पर काबू नहीं रख पाए, वो बेसुध हो गए। उन्होंने खुद को संभालने की बहुत कोशिश की, लेकिन आंखों से आंसू टपक पड़े। परिजनों ने उन्हें किसी तरह संभाला। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के छोटे बेटे अंकुर की बरेली में हुए सड़क हादसे में मौत हो गई। उनकी उम्र महज 24 साल थी। बरेली में अंकुर की कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी। कार अंकुर चला रहे थे। हादसे के वक्त कार में तीन लोग सवार थे। अंकुर और उनके साथी मुन्ना गिरी की हादसे में मौत हो गई, जबकि पिंकू यादव नाम का युवक अब भी जिंदगी की जंग लड़ रहा है। वो कोमा में है। शिक्षा मंत्री के बेटे के अचानक निधन पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व सीएम हरीश रावत समेत सभी राजनेताओं ने शोक व्यक्त किया। अंकुर का अंतिम संस्कार गूलरभोज स्थित शमशान घाट में आज किया जाएगा। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत भी शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय को सांत्वना देने के लिए गूलरभोज जाएंगे।

2/2 बड़े भाई का भी रो रोकर बुरा हाल है..
Arvind Pandey son Ankur Pandey

प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय और उनका परिवार इस वक्त अकल्पनीय दर्द और तकलीफ से गुजर रहे हैं। पिता आम हो या खास, दिल तो सभी के पास होता है। सभी अपने बच्चों से लगाव रखते हैं, उनके सुख के लिए अपनी हर खुशी न्योछावर कर देते हैं। बेटे की असमय मौत ने शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय को तोड़ कर रख दिया है।


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