देवभूमि की साख पर बट्टा...केदारनाथ के लिए ब्लैक हो रहे हैं हेलीकॉप्टर टिकट..केस दर्ज

केदारनाथ के लिए हेली सेवा मुहैया कराने वाली कंपनियों और उनके एजेंट्स पर गंभीर आरोप लगे हैं...ये है पूरा मामला..

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यात्रा सीजन पीक पर है तो वहीं केदारनाथ धाम क्षेत्र से एक शर्मनाक खबर सामने आई है। यहां कुछ स्वार्थी लोग केदारनाथ धाम की यात्रा के नाम पर श्रद्धालुओं को लूट रहे हैं। हवाई सेवा की टिकटें ब्लैक की जा रही हैं, यही नहीं कई श्रद्धालुओं को फर्जी हवाई टिकट भी थमाए गए हैं। हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन करने वाली कंपनियों के कर्मचारी और ऑपरेटरों पर ही श्रद्धालुओं से धोखाधड़ी का आरोप लगा है। इन पर श्रद्धालुओं से बदसलूकी का भी आरोप है। ये मामला बेहद गंभीर है। अच्छी बात ये है कि प्रशासन और पुलिस ने इस मामले में तुरंत एक्शन लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने हेली कंपनियों व ऑपरेटरों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में तीन मामले दर्ज किए है। पहला मामला फाटा पुलिस चौकी में दर्ज हुआ है, जहां स्वीकृति शर्मा नाम की तीर्थयात्री ने हेली सर्विस के एजेंट के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। आगे पढ़िए पूरी खबर

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स्वीकृति हरियाणा की रहने वाली हैं, अपनी शिकायत में उन्होंने कहा कि वो केदारनाथ हेली सर्विस के लिए विवेक नाम के एजेंट के संपर्क में थी। स्वीकृति ने विवेक के खाते में टिकट के 12,960 रुपए ट्रांसफर किए थे, जिस पर एजेंट ने उन्हें पवन हंस का टिकट दे दिया था। पर जब उन्होंने ये टिकट हेलीपैड पर दिखाया तो हेली कंपनी ने कहा कि टिकट फर्जी है। अब स्वीकृति ने एजेंट विवेक सिंह और पवन हंस हेली कंपनी के खिलाफ धारा 420 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं वैभव कुश नाम के यात्री ने भी फाटा पुलिस चौकी में हेली कंपनी के स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। यात्री ने बताया कि उसने जीएमवीएन के जरिए हेली सेवा की टिकट कन्फर्म कराई थी, उन्हें 12 बजे हेली सेवा देने की बात कही गई थी, पर शाम 5 बजे तक वेट करने के बाद भी उन्हें केदारनाथ जाने के लिए हेलिकॉप्टर नहीं मिला। उन्होंने हेलीपैड पर पूछताछ की तो वहां मौजूद स्टाफ ने उनके साथ बदतमीजी की। पुलिस ने हेली कंपनी के स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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गुप्तकाशी में काउंटर के नोडल अधिकारी विजय गुप्ता ने रॉबिन नाम के एक ऑपरेटर के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। अपनी शिकायत में उन्होंने कहा कि केदारनाथ हेली यात्रा के लिए ऑफ लाइन और ऑनलाइन टिकट जारी किए जा रहे हैं, पर कुछ लोग टिकट के नाम पर लोगों को धोखा दे रहे हैं। रॉबिन नाम के एक ऑपरेटर ने भी निगम द्वारा जारी किए गए मूल टिकट की कॉपी करते हुए 6 जून के लिए 16,000 रुपए का एक फर्जी टिकट जारी किया था। जब उस टिकट का क्यूआर स्कैन किया तो पता चला कि निगम पहले ही दूसरे यात्री को ये टिकट जारी कर चुका है। जिसकी धनराशि 9,396 रूपए है। रॉबिन पर धोखाधड़ी का आरोप है। पुलिस मामलों की तहकीकात में जुटी है, लेकिन बड़ा सवाल ये है कि आरोपियों के खिलाफ एक्शन कब लिया जाएगा। धोखाधड़ी के इन मामलों ने उत्तराखंड की साख पर बट्टा लगा दिया है, ऐसा ही चलता रहा तो पर्यटक इस तरफ आना ही छोड़ देंगे। हेली सेवा संचालकों और एजेंट्स पर नजर रखे जाने की जरूरत है, साथ ही इनके खिलाफ जो शिकायतें आ रही हैं उन पर भी तुरंत एक्शन लिया जाना चाहिए। हेली सेवा के नाम पर धोखाधड़ी बंद होनी चाहिए।


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