2 साल में 14 मासूमों की जान लेने वाले की फाईल धूल खा रही है... और साहब सो रहे हैं !

2 साल में 14 मासूमों की जान लेने वाले की फाईल धूल खा रही है... और साहब सो रहे हैं !

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देहरादून का बल्लीवाला फ्लाईओवर दुर्घटनाओं का पिन प्वाइंट बनता जा रहा है। आये दिन इस फ्लाईओवर पर कोई न कोई हादसा होता रहा है। पिछली कोंग्रेस सरकार द्वारा चुनावों की जल्दबाजी में बनाये गए इस फ्लाईओवर ने गुरूवार रात फिर एक बार एक मासूम की जान ले ली। पिछले दो सालों में 14 लोगों को मौत की नींद सुलाने वाले देहरादून के बल्लीवाला फ्लाईओवर के सम्बन्ध में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने PWD को 3 महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने फ्लाईओवर के बगल में एक नये फ्लाईओवर को बनाने की संभावना तलाशने और फ्लाईओवर की 'फिजिबिलिटी रिपोर्ट' देने को कहा था। PWD को ये रिपोर्ट मई में ही कोर्ट को उपलब्ध करानी थी। लेकिन ये रिपोर्ट PWD के प्रमुख अभियंता कार्यालय में ही धूल खा रही है। मार्च में हाईकोर्ट ने तीन माह के भीतर PWD से रिपोर्ट मांगी थी। दरअसल भाजपा नेता रवींद्र जुगरान की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ये आदेश दिए थे कि बल्लीवाला फ्लाईओवर संकरा है और इस पर हो रहे हादसों पर अंकुश लगाने के लिए इसके चौड़ीकरण या इसके साथ एक अन्य फ्लाईओवर (डबल ब्रिज) बनाने की संभावना तलाशी जाये।
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इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग यूनिट के प्रमुख अभियंता के निर्देश पर फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की गई। इस रिपोर्ट को करीब 20 दिन पहले प्रमुख अभियंता कार्यालय को भेजा जा चुका है परन्तु सूत्रों के मुताबिक प्रमुख अभियंता अभी तक इस रिपोर्ट को देख भी नहीं पाए हैं। जबकि हाई कोर्ट को तीन माह के भीतर रिपोर्ट भेजने की अवधि बहुत पहले ही बीत चुकी है। बल्लीवाला फ्लाईओवर खूनी फ्लाईओवर बनता जा रहा है। हर दिन यहां कोई न कोई दुर्घटना का शिकार होकर या तो अपनी जान गंवा रहा है या चोटिल हो रहा है। अस्तित्व में आने के बाद से ही यहां अब तक 14 जानें जा चुकी हैं। जबकि कई लोग चोटिल हो चुके हैं।


Uttarakhand News: Balliwala flyover 14 accidents in 2 years

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