केदारनाथ आपदा के 4 साल बाद पहली बार, उत्तराखंड के लिए बड़ी खुशखबरी !

केदारनाथ आपदा के 4 साल बाद पहली बार, उत्तराखंड के लिए बड़ी खुशखबरी !

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साल 2013 में आई आपदा के बाद बाबा के दर से अच्छी खबर आई है। वो खबर जिसका बाबा के करोड़ों चाहने वाले भी इंतजार कर रहे थे। जिस भीषण आपदा में हजारों लोग काल के गाल में समा गए। आपदा अपने पीछे वो दर्द छोड़ गई थी जिसे लोग जन्म जन्मांतर तक भुला नहीं पाएंगे। ये वो आपदा थी जिसमें लोगों की जानें तो गई ही साथ ही आपदा ने चार धाम का नक्शी भी बदल कर रख दिया था। आपदा आने के बाद बाबा के मंदिर को छोड़कर सारी चीजें तिनके की तरह बिखर गई थी। उसी बिखराव ने ये सवाल भी खड़े किए थे कि बाबा के बिखरे हुए चमन को आबाद होने में कितना वक्त लगेगा। बाबा के दर से वो खुशखबरी जिसका सभी को इंतजार था उसे आने में और कितना वक्त लगेगा। वक्त पानी के बुलबुले की तरह फूटा, वक्त घूमती घड़ी के कांटों की तरह घूम गया।

वो दर्द, वो टीस अपनों को खो देने की आज भी है। लेकिन खुशी इस बात की है कि बाबा केदार के दर से बड़ी खुशखबरी आई है। आप ये सोच रहे होंगे कि पूरे उत्तराखंड को दहला देने वाली आपदा के चार साल बाद बाबा के दर से वो कौन सी बड़ी खुशखबरी आई है। तो खुशखबरी ये है कि बाबा की बगिया अब आबाद हो गई है। बाबा के चमन में चिड़ियों की चहक है। बाबा के आस्थावानों की धमक है। कुल मिलाकर एक लाइन में कहें तो खुशखबरी ये है कि बाबा के दर पर चार साल में पहली बार जमकर धनवर्षा हुई। भगवान शिव की नगरी में धनवर्षा से भक्त बेहद उत्साहित हैं। साथ ही धनवर्षा ये दर्शाता है कि बाबा बर्फानी के दर पर लौट आए हैं वो भक्त जिनकी आस्था की चार साल पहले पूरी दुनिया में कायल थी। ये भक्तों की धमक ही है कि चार धाम यात्रा में धनवर्षा को लेकर पिछले पांच साल का रिकॉर्ड टूट गया है।

आंकड़ों के मुताबिक इस साल चार महीने के अंदर चारों धाम की आय 21 करोड़ पार कर गई है। धामों के कपाट बंद होने में डेढ़ महीने का वक्त अभी बाकी है। मतलब साफ है कि आय का आंकड़ा 21 करोड़ से और आगे जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि आय का आंकड़ा 30 करोड़ तक पहुंच सकता है। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के बाद 28 अप्रैल को गंगोत्री यमुनोत्री के कपाट खुले गए थे। कपाट खुलने के बाद चारधाम यात्रा ने मई में रफ्तार पकड़ी। साल 2013 की आपदा के बाद बाबा के भक्तों की तादाद बेहद घटी थी। और इसका सीधा असर आय पर भी पड़ा था। श्रद्धालुयों की तादाद घटते ही मंदरि समितियों की आय बुरी तरह प्रभावित हुआ था। हालात यहां तक पहुंच गए थे कि मंदिर समितियों के लिए रख-रखाव और पूजा-पाठ का खर्चे निकालना भी मुश्किल हो गया था।

लेकिन अब वो दौर बदल चुका है। इस बार चारों धाम में जुटी भक्तों की भीड़ से धामों की रौनक लौट आई है। गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ मंदिर में इस साल अलग-अलग स्रोतों से करीब 21 करोड़ 50 लाख रुपये की धनराशि जमा हुई है। आय बढ़ने से मंदिर समितियों के पदाधिकारियों के चेहरे भी खिल उठे हैं। ये आय बढ़ने का नतीजा ही है कि मंदिरों के रुके हुए निर्माण कार्य पूरे होने के साथ ही आपदा से प्रभावित मंदिरों की जरूरी सुविधाओं में सुधार की उम्मीदें आगे बढ़ चली हैं। मंदिर समितियां आय के बढ़ने से बेहद उत्साहित हैं। समितियां अब श्रद्धालुओं के हितों से जुड़ी योजनाओं पर काम करने की तैयारी में जुट गई हैं। भीषण आपदा के भयावह दृष्यों की मिटती धुंधली यादों के बीच बाबा के दर से आई खबर से हर कोई गदगद है।


Uttarakhand News: Govt got good revenue from Kedarnath

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