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चीन में ‘पहाड़ी शेर’ अजीत डोभाल ने रखे कदम, हिंदुस्तान बोला ‘जीतकर आना’ !

चीन में ‘पहाड़ी शेर’ अजीत डोभाल ने रखे कदम, हिंदुस्तान बोला ‘जीतकर आना’ !

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आज हम आपको वो खबर बताने जा रहे हैं, जिसे पढ़कर हर पहाड़ी को गर्व होगा। ये पहाड़ी शेरों की ताकत ही है, जो दुश्मन के मुल्क में घुसकर दुश्मन को खुली चुनौती पेश करते हैं। ऐसे ही पहाड़ी शेर हैं अजीत डोभाल। डोभाल ने आखिरकार चीन की धरती पर अपने कदम रख दिए हैं। इससे पहले चीन में डोभाल के दौरे को लेकर सौ बातें कही जा चुकी हैं। धमकियां दी गई, उलाहने दिए गए लेकिन डोभाल डरे नहीं और आखिरकार चीन पहुंच गए। अब शुक्रवार को डोभाल और जिनपिंग के बीच मुलाकात होनी है। इस मुलाकात के दौरान ब्रिक्स देशों के सभी एनएसए भी वहां मौजूद रहेगे।इधर डोकलाम में 41 दिन से भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने हैं। लग रहा है मानों दोनों ही सेनाएं बस एक इशारे का इंतजार कर रही हैं। डोकलाम वो इलाका है, जिसे ट्राई जंक्शन कहा जाता है। तीन देशों की सीमाएं इस क्षेत्र में आकर मिलती हैं। इस बीच चीन इस इलाके में जबरदस्ती अपनी सड़क बनाना चाहता है।

चीन की इस हरकत का भारत और भूटान मिलकर विरोध कर रहे हैं। अब बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को डोभाल चीन में राष्ट्रपति जिनपिंग के सामने उठाएंगे। डोभाल की मुलाकात जिनपिंग से होनी तय है। ये बाद बुद्धवार को ऑफिशियली कन्फर्म भी हो चुकी है। बताया जा रहा है कि इस मीटिंग में ब्रिक्स देशों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठेगा। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात में डोकलाम का हल निकालने पर ही बात होगी। चीन के स्टेट काउंसलर यांग जिअेची के साथ डोभाल इस मुद्दे पर अलग से मुलाकात करेंगे। भारत और चीन के अलावा रूस, साउथ अफ्रीका और ब्राजील भी ब्रिक्स देशों में शामिल हैं। इससे पहले चीन साफ कर चुका है कि जब तक डोकलाम में भारतीय सेना पीछे नहीं हटेगी, तब तक चीन की सेना भी पीछे नहीं हटेगी। ऐसे में भारत भी साफ कर चुका है कि जब तक चीन की आर्मी डोकलाम से पीछे नहीं हटती, तब तक भारतीय सेना किसी भी हाल में पीछए नहीं हट सकती।

41 दिन से चल रही तकरार क्या खत्म हो सकेगीय़ दोनों मुूल्कों की सेनाएं एक दूसरे पर आंखें तरेर रही हैं। एक इशारा हुआ तो युद्ध समझिए। इस बीच भारत की तरफ से शांतिदूत बनकर डोभाल चीन गए हैं। पीएम मोदी को इस बारे में पहले से ही पता था, लिहाजा उन्होंने डोभाल को शुभकामनाएं दी हैं। देश की निगाहें इस वक्त एक पहाड़ी पर टिकी हैं। डोकलाम का विवाद क्या है, जरा ये भी समझ लीजिए। ये विवाद 16 जून को तब शुरू हुआ था, जब इंडियन आर्मी ने डोकलाम में चीन के सैनिकों को सड़क बनाने से रोक दिया था। हालांकि चीन का कहना है कि वो अपने इलाके में सड़क बना रहा है। भारत ने 16 जुलाई को सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि वो इस इलाके में पीछे नहीं हट सकता। डोकलाम में चीन को सड़क बनाने नहीं दिया जाएगा। भारत ने चीन की इस वॉर्निंग को नजरअंदाज कर दिया है कि भारत अपने सैनिक वहां से तुरंत वापस बुला ले, नहीं तो स्थिति और बिगड़ सकती है।



Uttarakhand News: Ajit doval in china

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