उत्तराखंड में प्रकृति ने फिर दिखाया रौद्र रूप…मुश्किल में 15 हजार लोग !

उत्तराखंड में प्रकृति ने फिर दिखाया रौद्र रूप…मुश्किल में 15 हजार लोग !

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उत्तराखंड पर एक बार फिर से आफत मंडराती नजर आ रही है। एक बार फिर से प्रकृति ने खुली चेतावनी दी है कि इससे खेलना कितना मुश्किल हो सकता है। उत्तराखंड में चमोली में जोशीमठ के पास हाथीपहाड़ की चोटी से आये मलबे की वजह से ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिये बंद हो गया है। बद्रीनाथ मार्ग पर भूस्सखलन से करीब 15000 तीर्थयात्री फंस गए। चमोली के डीएम आशीष जोशी ने बताया कि सीमा सडक़ संगठन के जवान मलबे को साफ करने में दिन रात लगे हैं। उन्होंने बताया कि बद्रीनाथ की यात्रा पर आये श्रद्धालुओं को कोई परेशानी ना हो, इसके लिये उन्हें जोशीमठ, पीपलकोटी, कर्णप्रयाग, गोविंदघाट और बद्रीनाथ में ही सुविधाजनक जगहों पर ठहरने के लिए कहा गया है। इसके अलावा भी इस खबर में बड़ी बाते हैं।

उधर बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन का कहना है कि सडक़ को फिर से शुरू करने में 2 दिन तक का वक्त लग सकता है। आपको बता दें कि शुक्रवार की दोपहर करीब 3.30 बजे जोशीमठ से करीब 8 किलोमीटर दूर विष्णुप्रयाग के पास पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर सडक़ पर आ गिरा। गनीमत ये रही कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। लेकिन पहाड़ के टूटने से बद्रीनाथ का रास्ता बंद हो गया है। सडक़ का करीब 150 मीटर का हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया है। पहाड़ का ये हिस्सा पिछले 2 दिनों से दरक रहा था। इसे लेकर पहले भी चेतावनी जारी की गई थी। लिहाजा यात्रियों को दुर्घटनास्थल से करीब 200 मीटर पीछे ही रोक दिया गया था।राजमार्ग जोशीमठ और बद्रीनाथ के बीच विष्णुप्रयाग के पास बंद है। दोपहर बाद अचानक हाथीपहाड़ से चट्टान खिसकनी शुरू हो गयी।

इस वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर अलकनंदा नदी तक का बड़ा इलाका मलबे से भर गया। जिलाधिकारी ने बताया कि पहाड़ी से रुक-रुक कर गिर रहे मलबे को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने जानमाल के नुकसान को बचाने के लिये पहले ही यात्रा को सुरक्षित स्थान पर रोके जाने की व्यवस्था कर दी थी। हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हाथीपहाड़ से बड़ी-बड़ी चट्टानें राजमार्ग पर गिरी हैं जिससे रास्ता खुलने में लंबा समय लग सकता है। राजमार्ग बंद होने से बद्रीनाथ दर्शनों के लिये गये तीर्थयात्री बद्रीनाथ में ही रुक गये हैं जबकि दर्शनों के लिये आने वाले सैकड़ों तीर्थयात्री जोशीमठ, पीपलकोटी और कर्णप्रयाग मे रुक कर सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं। कुल मिलाकर कहें तो एक बार फिर से देवभूमि पर प्रकृति ने अपना कहर बरपाया है।


Uttarakhand News: Landslide on badrinath route

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